यह ब्लॉग खोजें

सोमवार, 10 जून 2024

अपने आध्यात्मिक बच्चों और ईमानदार शिष्यों को कुछ सलाह 2

 अतः स्मरण करते रहोनिश्चय ही स्मरण कराना लाभदायक है।(Al Quran 87:10)

سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ ١٠ وَيَتَجَنَّبُهَا ٱلْأَشْقَى ١١

जो डरता हैवह अवश्य उपदेश ग्रहण करेगा । (Al Quran 87:11)

खलीफतुल्लाह अल-महदी हजरत मुनीर अहमद अज़ीम (अ   अ) द्वारा 26 मई 2024 को अपने आध्यात्मिक बच्चों और ईमानदार शिष्यों को कुछ सलाह

अपने आध्यात्मिक बच्चों और ईमानदार शिष्यों को कुछ सलाह

अस्सलामु अलैकुम व रहमतुल्लाह व बरकातुहू

खलीफतुल्लाह की कुछ सलाहें उनके सभी शिष्यों और बाकी मुस्लिम उम्माह के लिए विचार के भोजन के रूप में निम्नलिखित हैं:

 

1. (1)जब समस्याएं आपके जीवन में लगातार बारिश की तरह आती हैं, तो हमेशा याद रखें कि ईश्वर हमेशा आपकी छत्रछाया में रहेंगे।

(1    जन्नत के लिए दुआ:

अल्लाहुम्म! इन्नी अस' अलुकल जन्नत। 

अल्लाह! मैं तुझ से जन्नत का सवाल करता हूँ! (ओ अल्लाह, मैं तुझसे जन्नत माँगता हूँ)

(2) नरक की आग से सुरक्षा के लिए दुआ:

अल्लाहुम्म! अजिरनी मीनर नार.

ऐ अल्लाह! मुझे आग के अजाब से बचा ले! (हे अल्लाह! मुझे नरक से बचा ले) (नरक की आग की पीड़ा से))।

(3)सफलता के लिए दुआ!

अल्लाहुम्म ! जा'अलना मुफ़्लिहीन।

ऐ अल्लाह! हमें कामयाब बनादे। (ओ अल्लाह, हमें सफल लोगों में शामिल कर (जो सफलता प्राप्त करते हैं))

(4)चेहरे की खूबसूरती के लिए दुआ! 

अल्लाहुम्म अहसं त खल्की फ-अहसिन खुलूकी!

ऐ अल्लाह! जिस तरह आपने मेरी चाहत को खूबसूरत बनाया/ ऐसे ही मेरे अखलाक को बनाया। (हे अल्लाह! जैसे तूने मुझे (मेरे शरीर को) सुन्दर बनाया है, वैसे ही मेरे चरित्र को भी सुन्दर बना दे)।

(5) (ओ देवियों!) शैतान (शैतान) तुम्हें सभी पुरुषों के सामने खुद को सुंदर बनाने के लिए मेकअप लगाने के लिए कहता है... अल्लाह तुम्हें गैर-महरम के सामने खुद को सुंदर न बनाने का आदेश देता है... तो... तुम किसकी आज्ञा का पालन करोगी ?!!

 6) अल्लाह! जब मैं उन सभी चीज़ों के बारे में सोचता हूँ जो तुम ने मेरे लिए की हैं, तो मैं आभार से अभिभूत हो जाता हूँ। तुम मेरे प्रति बहुत अच्छे और दयालु हो ! मेरी आशा और खुशी का स्थिर स्रोत बने रहने के लिए धन्यवाद। तुम हर समय, हर स्थिति में प्रशंसा के योग्य हो ! आमीन सुम्मा आमीन, या रब्बुल आलमीन!

(7) (हे लोगों!) तुम नंगे आए थे, नंगे ही जाओगे। तुम कमज़ोर आए थे, कमज़ोर ही जाओगे, तुम बिना पैसे और चीज़ों के आए थे, तुम बिना पैसे और चीज़ों के भी जाओगे, तुम्हारा पहला स्नान, किसी ने तुम्हें धोया, तुम्हारा आखिरी स्नान, कोई तुम्हें धोएगा। यही जीवन है, तो इतना द्वेष, इतनी ईर्ष्या, इतनी नफरत, इतना आक्रोश और इतना स्वार्थ क्यों?

सबके प्रति दयालु बनो, और अच्छे कर्म करो। हमारे पास पृथ्वी पर सीमित समय है। इसे व्यर्थ में बर्बाद मत करो।

(8) यह समझने के लिए कि जीवन क्या है, आपको तीन स्थानों पर जाना होगा:

(a) अस्पताल,

(b) जेल और

(c) कब्रिस्तान 

अस्पताल में, आप समझेंगे कि स्वास्थ्य से ज़्यादा सुंदर और महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं है।

जेल में, आप देखेंगे कि स्वतंत्रता सबसे कीमती चीज़ है।

कब्रिस्तान में आपको एहसास होगा कि जीवन का कोई मूल्य नहीं है, जिस जमीन पर हम आज चल रहे हैं वह कल हमारी छत होगी। इसलिए हमें ईश्वर का भय मानकर और एक-दूसरे के प्रति सम्मान रखते हुए विनम्र बने रहना चाहिए। 

हमारी दुआ

हमारे रब। आपने सच कहा है, आपके रसूलों ने (आपका संदेश) पहुँचाया है, और हम इसके गवाह हैं। ऐ अल्लाह हमें उन लोगों में से बना जो हक़ के गवाह और इन्साफ़ पर कायम रहने वाले हों।

 

अनुवादक : फातिमा जैस्मिन सलीम

जमात उल सहिह अल इस्लाम - तमिलनाडु

मॉरीशस 2014: आम चुनाव परिणाम

मॉरीशस 2014: आम चुनाव परिणाम   कल , गुरुवार 11 दिसम्बर 2014 को मॉरीशसe और रोड्रिग्स (Rodrigues) के लोगों ने देर रात तक सभी 2...